महासमुंद अस्पताल से पुलिस अभिरक्षा में आरोपी फरार, नशीली टैबलेट तस्करी मामले में तलाश तेज

 महासमुंद सरकारी अस्पताल से पुलिस अभिरक्षा में आरोपी फरार, दो जवानों की ड्यूटी के दौरान हुई घटना

महासमुंद सरकारी अस्पताल से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हुआ नशीली टैबलेट तस्करी का आरोपी
छत्तीसगढ़,महासमुंद।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। महासमुंद मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया नशीली टैबलेट तस्करी का आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। आरोपी की पहचान दिनेश सिंह राजपूत (20 वर्ष) के रूप में हुई है। उसे सरायपाली पुलिस ने ओडिशा से नशीली टैबलेट की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। फरारी की घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है बताया जा रहा है की आरोपी के पैर में लोहे का रॉड बंधा हुआ है लेकिन फिर भी वह अस्पताल से कैसे भागा यह सोचने वाली बात है।

दो पुलिस कर्मी थे उसकी निगरानी में :–

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी दो पुलिसकर्मियों को सौंपी गई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा में चूक किन परिस्थितियों में हुई और आरोपी अस्पताल से बाहर निकलने में कैसे सफल रहा आखिर दो पुलिस कर्मियों के सुरक्षा में रहने के बाद चूक कहां हुई 

 महासमुंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान फरार हुआ आरोपी :–

मिली जानकारी के अनुसार, सरायपाली पुलिस ने बुधवार को ओडिशा से नशीली टैबलेट की तस्करी के आरोप में दिनेश सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पेट में तेज दर्द होने और झटके आने की शिकायत की। उसकी स्थिति को देखते हुए सरायपाली के डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए महासमुंद मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहां आरोपी ने पुलिस कर्मियों सहित डॉक्टर को चकमा देकर फरार हो गया।

आरोपी को अस्पताल लाने के बाद उसकी निगरानी के लिए पुलिसकर्मी खोमनलाल साहू और रामचरण यादव की ड्यूटी लगाई गई थी। दोनों जवानों की मौजूदगी के बावजूद आरोपी अस्पताल परिसर से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस अब अस्पताल में उसकी आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है की आरोपी भागा कैसे ।

दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान कैसे भागा आरोपी? :–

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के समय एक पुलिसकर्मी बाथरूम गया हुआ था, जबकि दूसरा डॉक्टर के काम में व्यस्त था। इसी दौरान आरोपी को निगरानी से निकलकर भागने का मौका मिल गया सोचने वाली बात यह है की क्या आरोपी पहले से ही इस पल का इंतजार कर रहा था ? या आरोपी के भागने में किसी ने उसकी मदद की !

बताया जा रहा है कि आरोपी के पैर में रॉड लगी हुई है। ऐसे में उसके फरार होने की परिस्थितियां भी जांच का विषय बन गई हैं। हालांकि, वह किस रास्ते से बाहर निकला और फरारी में किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी फिलहाल पुलिस उस आरोपी की खोज में जुट गई है।

पुलिस अभिरक्षा में रखे गए आरोपी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल:–

यह घटना अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थान पर पुलिस अभिरक्षा में रखे गए आरोपी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। खासकर ऐसे मामलों में, जहां आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, वहां सुरक्षा और चिकित्सा जरूरतों के बीच उचित तालमेल बनाए रखना आवश्यक होता है जिससे पुलिस अभिरक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहता है।

एएसपी ने दिए जांच और कार्रवाई के संकेत :–

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार नायक के अनुसार, आरोपी आज सुबह अस्पताल से फरार हुआ। मामले में सिटी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि आरोपी को हथकड़ी लगाई गई थी या नहीं और घटना के समय दोनों पुलिसकर्मियों की तैनाती किस प्रकार थी जिससे इस तरह का मामला हुआ।

एएसपी ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी के भागने के घटनाक्रम और उसके संभावित रास्ते का पता लगाया जा सके जिससे इस आरोपी को पकड़ा जा सके।

फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस :–

दिनेश सिंह राजपूत के फरार होने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सीसीटीवी फुटेज की जांच और घटना से संबंधित जानकारी जुटाना इस कार्रवाई का अहम हिस्सा है। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट करने का प्रयास करेगी कि आरोपी अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था से बाहर निकलने में कैसे सफल हुआ जिससे वह पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भागने में कामयाब कैसे हुआ ?

सुरक्षा व्यवस्था या संभावित चूक आखिर गलती किसकी? :–

महासमुंद मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल से पुलिस अभिरक्षा में आरोपी के फरार होने का मामला सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की ओर इशारा करता है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है। आरोपी की तलाश, अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी पर तैनात जवानों की भूमिका की जांच से ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी। मामले में आगे होने वाले आधिकारिक खुलासों के बाद ही जिम्मेदारी और कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी अब देखना यह है की आगे की कार्यवाही में निष्कर्ष क्या आता है ।

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