रिमझिम फुहार के बीच महासमुंद शहर में हुई हरछठ की पूजा, महिलाओं ने संतान की सुख-समृद्धि के लिए रखा व्रत
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| महासमुंद के नयापारा वार्ड नंबर 7 में रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धा और विधि-विधान से हरछठ की पूजा करती महिलाएं। |
रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच बुधवार को महासमुंद शहर में हरछठ यानी हलषष्ठी का पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर महिलाओं ने दिनभर उपवास रखा और विधि-विधान से हरछठ माता का पूजन किया। बारिश के बावजूद महिलाओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी जिससे बारिश होने के बावजूद माताओं ने अपने संतानों के लंबी उम्र की कामनाएं की।
शहर में हरछठ पूजा को लेकर विशेष उत्साह :–
महासमुंद शहर के नयापारा वार्ड नंबर 7 में भी हरछठ पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही महिलाओं ने पूजन की तैयारियां शुरू कर दी थीं। घरों और मोहल्ले में पूजा स्थल तैयार किए गए। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार महिलाओं ने हरछठ माता का पूजन कर संतान के स्वस्थ, दीर्घायु और खुशहाल जीवन की कामना की इसके साथ ही संतानों के प्रति माताओं के महत्वों का उत्साहपूर्ण पूजा देखने को मिला ।
बारिश के बीच भी जारी रही पूजा की तैयारियां नही हुई रुकावट :–
शहर में रिमझिम फुहारों के कारण मौसम सुहाना रहा, लेकिन पूजा की तैयारियों में इसका असर नहीं पड़ा। महिलाओं ने आवश्यक पूजन सामग्री जुटाई और परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की। हरछठ के अवसर पर माताएं अपनी संतान के मंगल और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उपवास रखती हैं। इस पर्व में परिवार और संतान के प्रति मां की ममता के साथ धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है जिसे प्रतिवर्ष माताएं इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाते है।
पूजन के दौरान महिलाओं ने हरछठ से जुड़ी कथा सुनी और पारंपरिक विधि से पूजा संपन्न की। पूजा के बाद महिलाओं के बीच मंगलगीत भी गूंजे। इससे पूरे मोहल्ले का माहौल भक्तिमय और उत्सव जैसा नजर आया जिसे देखकर ये पर्व बहुत पावन प्रतीत हो रहा था।
पूजा के बाद गूंजे मंगलगीत सभी डूबे हलषष्ठी माता की भक्ति में :–
हरछठ की पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से मंगलगीत गाए। इन गीतों में संतान के सुख, स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना दिखाई दी। कई घरों में व्रत से जुड़े पारंपरिक आहार भी तैयार किए गए। महिलाओं ने पर्व की मान्यताओं के अनुसार उपवास रखा और पूजा के बाद पारंपरिक तरीके से व्रत का पालन पूरा किया जिसमे सभी माताओं ने हरछठ माता के लिए भक्तिमय गीत गाए और सब भक्ति भाव में अपने संतानों के प्रति दीर्घायु और उज्जवल भविष्य की कामनाएं की।
महिलाओं ने एक दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देते हुवे लिए मां का आशीर्वाद :–
नयापारा वार्ड नंबर 7 में आयोजित पूजा में श्रीमती फुलवासन देवांगन, अमिता बोयर, पुष्पा, ममता, सारिका, संतोषी, नीलम, माधुरी, हिना, संतोषी, सोनिया, भैरी, गौरी, भान कुमारी, ऋषि, पार्वती, सुनीता और राधिका सहित वार्ड के सभी मोहल्लेवासी उपस्थित रहे। महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और सामूहिक रूप से पूजा में सहभागिता की साथ ही पर्व की शुभकामनाएं एक दूसरे को देने के साथ साथ हलषष्ठी माता का भी आशीर्वाद प्राप्त किए ।
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| महासमुंद के नयापारा वार्ड नंबर 7 में हरछठ पूजा के बाद सामूहिक रूप से उपस्थित महिलाएं और मोहल्लेवासी |
नई पीढ़ी तक पहुंच रही हरछठ की परंपरा :–
हरछठ केवल उपवास और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक संस्कारों से जुड़ा अवसर भी है। बुजुर्ग महिलाओं ने पूजा के दौरान नई पीढ़ी की महिलाओं और बच्चों को पर्व से जुड़ी परंपराओं और मान्यताओं की जानकारी दी जो इस पर्व की महत्व और परम्पराओं को दर्शाता है ।
बारिश के बीच मनाई गई इस पर्व में श्रद्धा और उत्साह देखने को मिला ।
महासमुंद शहर में ऐसे पारंपरिक पर्व सामूहिक सहभागिता के कारण और भी खास बन जाते हैं। एक साथ पूजा करना, मंगलगीत गाना और पर्व की परंपराओं को निभाना सामाजिक मेल-जोल को भी मजबूत करता है। बारिश की फुहारों के बीच मनाई गई इस हरछठ पूजा में भी यही श्रद्धा और सामूहिक उत्साह देखने को मिला साथ ही सभी ने इस श्रद्धा ,परंपरा और उत्साह से भरपूर हरछठ पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।
निष्कर्ष :–
रिमझिम बारिश के बीच महासमुंद शहर में हरछठ का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने संतान के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखकर पारंपरिक पूजा की। नयापारा वार्ड नंबर 7 में सामूहिक सहभागिता और मंगलगीतों ने पर्व के माहौल को और खास बना दिया इसके साथ ही यही उत्साह और उमंग शहर के विभिन्न वार्डो में भी देखने को मिला जिसमे श्रद्धा भक्ति से हरछठ का व्रत रखकर पूजा अर्चना किया गया ।
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