महासमुंद में अचानक सामने आए किडनी के 9 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शुरू किया बड़ा जांच अभियान
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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के झालखम्हरिया गांव में किडनी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। गांव में अब तक किडनी संबंधी समस्या वाले 9 मरीज चिन्हित किए गए हैं। एक ही गांव में इस तरह के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों की टीम ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच करने के साथ ही घर-घर पहुंचकर उनकी मेडिकल हिस्ट्री और जीवनशैली से जुड़ी जानकारी जुटा रही है ताकि इस अचानक आए इन किडनी मरीजों की बढ़ती बिमारियों का कारण स्पष्ट कर पाए ।
ग्रामीणों की हो रही है जांच :–
बताया जा रहा है की इस गांव में दो दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम ग्रामीणों की जांच कर रही है। जरूरत के अनुसार लोगों के विभिन्न जांच सैंपल भी लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किडनी की समस्या केवल अलग-अलग मरीजों की व्यक्तिगत बीमारी है या इसके पीछे गांव में कोई समान कारण जिम्मेदार है जिसकी वजह से अचानक इन किडनी मरीजों में वृद्धि हुई है ।
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम कारण पता लगाने की कोशिश :–
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें डोर टू डोर सर्वे के जरिए ग्रामीणों की पुरानी बीमारियों की जानकारी एकत्र कर रही हैं। सर्वे में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, लंबे समय से चल रही बीमारियों और नियमित रूप से ली जाने वाली दवाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि किडनी की बीमारी के कारणों तक पहुंचने के लिए हर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री का अध्ययन जरूरी है जिसके चलते इनमे अचानक हुवे किडनी के मरीजों के बढ़ने का कारण पता किया जा सके ।
संभावित कारणों पर व्यापक पड़ताल जरूरी :–
सामान्य तौर पर देखा जाए तो किडनी पर कई कारणों का असर पड़ सकता है। लंबे समय तक कुछ दर्द निवारक दवाओं का सेवन, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियां किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग केवल मरीजों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित कारणों की व्यापक पड़ताल कर रहा है जिससे इस किडनी की बीमारी बढ़ने का असली कारण जान पाए ।
पेयजल की गुणवत्ता की भी होगी जांच , 16 नए सेंपल एकत्र :–
बताया जा रहा है की स्वास्थ्य जांच के साथ गांव के पेयजल स्रोतों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएचई विभाग ने पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए 16 नए सैंपल एकत्र किए हैं। इन सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेयजल की गुणवत्ता का इन मामलों से कोई संबंध है या नहीं इन नए 16 सेंपलो को जांच कर परिणाम का अनुमान लगाया जाएगा।
फिलहाल किसी एक कारण को किडनी की समस्या के लिए जिम्मेदार नहीं माना गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पानी की जांच रिपोर्ट और डोर टू डोर सर्वे से मिली जानकारी के बाद स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की स्वास्थ्य कार्रवाई तय की जाएगी फिलहाल यह जांच के रिपोर्ट के ऊपर निर्भर करता है की आगे क्या कार्यवाही की जाएगी ।
पीएम जनमन वाहन भी गांव में किए गए तैनात :–
ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गांव में पीएम जनमन वाहन भी तैनात किया गया है। स्वास्थ्य शिविर में जांच के बाद जिन मरीजों को विशेष उपचार की जरूरत होगी, उनका इलाज कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा सकता है जिससे उपचार तुरंत और सुरक्षित हो सकता है ।
स्वास्थ विभाग ने ग्रामीणों से की अपील :–
फिलहाल महासमुंद जिले के झलखमहरिया के इस गांव ने स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें और विशेष स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर अपनी जांच जरूर कराएं। विभाग की कोशिश है कि बीमारी की सही वजह जल्द सामने आए और जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिल सके जिससे वे स्वस्थ और सुरक्षित रह सके ।
निष्कर्ष :–
महासमुन्द जिले के झालखम्हरिया गांव में किडनी के 9 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच तेज हो गई है। मेडिकल सर्वे और पानी की 16 सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद बीमारी के संभावित कारणों की तस्वीर अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है जिसके बाद इनके उपचार और इससे बचने के कारणों की आगे की कार्यवाही संभव हो सकेगी।
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