महासमुंद में त्योहारी भीड़ से सड़कों पर बढ़ी परेशानी, फुटपाथ और पार्किंग में दुकानें लगने से आमजन बेहाल
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| महासमुंद के बाजार में त्योहारी सीजन के दौरान उमड़ी भारी भीड़, सड़क किनारे दुकानों से पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को हो रही परेशानी दिखाती प्रतिकात्मक फोटो । |
त्योहारी सीजन आते ही महासमुंद शहर के बाजारों की रौनक बढ़ गई है। राखी के त्योहार को लेकर लोग बड़ी संख्या में खरीदारी करने बाजार पहुंच रहे हैं। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ है और बाजारों में चहल-पहल बढ़ी हुई है, लेकिन इसी रौनक के बीच शहरवासियों की परेशानी भी बढ़ती नजर आ रही है। बाजारों में बढ़ती भीड़, सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानें और पार्किंग की जगह पर फैला सामान यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है जिससे आम नागरिकों को काफ़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
त्योहारी सीजन में सड़कों पर चलने के लिए मजबूर :–
महासमुंद शहर के कई प्रमुख बाजार क्षेत्रों में सामान्य दिनों में भी पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। फुटपाथ, जो राहगीरों के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाए गए हैं, कई जगह दुकानों के सामान और अस्थायी स्टॉल के कारण पूरी तरह उपयोग में नहीं आ पाते। ऐसे में लोगों के सामने सड़क पर चलने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता जिससे यातायात दुर्घटना का खतरा बना रहता है ।
फुटपाथ हुआ गायब ? :–
राखी के त्योहारी सीजन में यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बाजार पहुंच रहे हैं। वहीं कई स्थानों पर सड़क किनारे और पार्किंग क्षेत्रों में अस्थायी दुकानें लगने से वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है। इसका असर सीधे बाजार की सड़कों पर दिखाई देता है, जहां वाहन पार्किंग की जगह तलाशते हुए यातायात को धीमा कर देते हैं कई जगहों पर तो फुटपाथ को देखते हुवे ऐसा प्रतीत होता है की फुटपाथ कहा है ! क्युकी कई जगह दुकानें ऐसे लगे हुए है की फुटपाथ ही गायब नजर आ रहा है!
भीड़ भाड़ वाले जगह पर चलना मजबूरी :–
शहर में पैदल चलने वालों के लिए परेशानी इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि सड़क पर वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। फुटपाथ खाली नहीं होने पर लोगों को बाइक, कार और अन्य वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है। भीड़भाड़ वाले समय में बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति अधिक असुविधाजनक और जोखिमभरी हो सकती है लेकिन इसके बावजूद कोई और दूसरा उपाय नही होने के कारण मजबूरन लोगो को भीड़ भाड़ वाले इलाकों में चलना पड़ता है ।
वाहन चालकों को भी होती है परेशानी :–
वाहन चालकों को भी बाजार क्षेत्र से गुजरते समय परेशानी झेलनी पड़ती है। सड़क के किनारे दुकानें, खरीदारी के लिए खड़े लोग और इधर-उधर खड़े वाहन सड़क की उपलब्ध जगह को कम कर देते हैं। कई बार छोटी दूरी तय करने में भी अधिक समय लग जाता है। शाम के समय बाजारों में भीड़ बढ़ने पर स्थिति और अधिक जटिल हो जाती है जिससे वाहन चलाते समय में और भी मुश्किल का सामना करना पड़ता है ।
हर त्योहारों में होती है ऐसे परेशानियां :–
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल राखी के त्योहार तक सीमित नहीं है। दीपावली, होली, नवरात्रि और अन्य बड़े त्योहारों के दौरान भी महासमुंद के बाजारों में इसी तरह का दबाव दिखाई देता है। हर त्योहारी सीजन में खरीदारी बढ़ती है, लेकिन पैदल यात्रियों, वाहन चालकों और पार्किंग व्यवस्था के लिए पर्याप्त प्रबंधन नहीं होने से परेशानी दोहराई जाती है जिससे स्थानीय लोग सहित पैदल और वाहन चालकों को परेशानियां होती है ।
बेहतर व्यवस्था से हो सकता है नियंत्रण :–
त्योहारी बाजार की रौनक शहर की अर्थव्यवस्था और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ आम लोगों की सुविधा भी जरूरी है। प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अस्थायी दुकानों के लिए निर्धारित स्थान, व्यवस्थित पार्किंग और फुटपाथ को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रखने जैसी व्यवस्थाएं की जाएं तो स्थिति में काफी सुधार हो सकता है। बेहतर यातायात प्रबंधन से बाजार की रौनक भी बनी रहेगी और आम लोगों को भी राहत मिलेगी जिससे बेहतर व्यवस्था प्रबंधन का होना बहुत आवश्यक हैं।
निष्कर्ष :–
महासमुंद में त्योहारी भीड़ हर साल बढ़ती है। बेहतर पार्किंग, खाली फुटपाथ और व्यवस्थित बाजार व्यवस्था से आम लोगों की परेशानी कम हो सकती है जिससे लोग त्योहार की खरीददारी सहित सुरक्षित रूप से रह सकते है ।

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