महासमुंद में घर-घर विराजे गणपति, बड़े पंडालों में बैठे गणेश जी

 महासमुंद में घर-घर विराजे विघ्नहर्ता, बड़े पंडालों में बैठे गणेश जी; बच्चों में दिखी खास उमंग

महासमुंद में गणेश प्रतिमा के साथ बच्चे, गणेशोत्सव को लेकर बच्चों में उत्साह
महासमुंद में गणेशोत्सव को लेकर बच्चों में उत्साह, गणपति प्रतिमा के साथ नजर आए बच्चे।

छत्तीसगढ़, महासमुंद। 

गणेश चतुर्थी के साथ ही महासमुंद शहर में गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। शहर में कल घरों और सार्वजनिक पंडालों में विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की स्थापना की गई। गणपति बप्पा के विराजते ही शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। घरों में पूजा-अर्चना के साथ लोगों ने गणेश जी का स्वागत किया, वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों में बनाए गए बड़े-बड़े पंडालों में भी गणपति की आकर्षक प्रतिमाएं विराजित हो गई हैं इन सबमें सबसे खास बात यह रही की गणेश चतुर्थी के इस खास मौके में बच्चो के खास उमंग देखा गया।

बाजारों में दिखी रौनक :–

गणेशोत्सव को लेकर इस बार बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बच्चे परिवार के साथ गणेश प्रतिमा लेने से लेकर घर में पूजा स्थल सजाने और गणपति की आरती में शामिल होने तक उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं। कई जगह बच्चे अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ गणेश जी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। इस बार गणेश जी की प्रतिमा बेचने वाले बाजारों में भी खास रौनक दिखा जहां बच्चे बड़ो के साथ बाजारों में प्रतिमा खरीदते हुवे दिखे ।

बाजारों में तरह तरह के गणेश जी की मूर्ति 100 से 5,10 हजारों के गणेश जी की मूर्तियां :–

इस बार महासमुंद शहर में बाजारों में गणेश जी की बहुत प्यारी प्यारी और विकराल रूपों की मूर्तियां देखने को मिली जहां गणेश जी की मूर्तियां के दाम 100 रुपए से लेकर 5000 से 10000 तक रहा सभी मूर्तियां एक से बढ़कर एक थी इस बार गणेश जी की मूर्ति बनाने वाले कुम्हारों को भी अच्छा लाभ मिला ।

घर-घर गूंजा गणपति बप्पा मोरया :–

गणेश जी की स्थापना के साथ ही महासमुंद के घरों में पूजा-पाठ और आरती का सिलसिला शुरू हो गया है। लोगों ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अलग-अलग आकार की गणेश प्रतिमाएं स्थापित की हैं। सुबह से ही कई घरों में गणपति स्थापना की तैयारियां चलती रहीं और शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद विघ्नहर्ता को विराजित किया गया जिसमे बच्चो और घरो में हर्षोल्लास के साथ गणपति को विराजित किया गया ।

गणपति स्थापना के बाद घरों में “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंजते नजर आए। बच्चों के लिए गणेशोत्सव खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गणेश प्रतिमा के सामने पूजा और आरती के दौरान बच्चों की उत्सुकता देखते ही बन रही है जिसमे बच्चो के चेहरे में खुशी की लहर देखने को मिली।

बड़े-बड़े पंडालों में बैठे गणेश जी :–

महासमुंद शहर के प्रमुख इलाकों में गणेशोत्सव समितियों की ओर से बड़े-बड़े पंडाल तैयार किए गए हैं। इन पंडालों में कल भगवान गणेश की प्रतिमाएं विराजित हो गई हैं। आकर्षक सजावट और रोशनी से सजे इन पंडालों में अब श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है जिससे यह त्योहार और भी मनमोहक हो रहा है।

शाम के समय लोग परिवार के साथ आसपास के गणेश पंडालों में पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन कर रहे हैं। कई स्थानों पर आने वाले दिनों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे गणेशोत्सव का उत्साह और बढ़ेगा और इन कार्यक्रमों को देखने के लिए श्रद्धालुगण भी बढ़ेंगे ।

बच्चों में गणेशोत्सव को लेकर खास उत्साह :–

गणेशोत्सव के दौरान बच्चों की भागीदारी खास तौर पर देखने को मिल रही है। गणेश प्रतिमा के साथ फोटो खिंचवाने से लेकर पूजा और आरती में शामिल होने तक बच्चे उत्साह के साथ पर्व मना रहे हैं। गणेश प्रतिमाओं की विविधता और पंडालों की सजावट भी बच्चों को आकर्षित कर रही है जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

महासमुंद में गणेशोत्सव का यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक मेल-जोल का भी अवसर बन रहा है। घरों में विराजे गणपति और बड़े पंडालों में बैठे गणेश जी शहर में उत्सव की रौनक बढ़ा रहे हैं। आने वाले दिनों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है क्युकी यह सिर्फ गणेशोत्सव का पहला दिन रहा अभी पूरे 10 दिनों का सिलसिला बाकी है जिसमे एक से बड़े एक इन गणेश जी के बड़े पंडालों में कार्यक्रम होना है।

आस्था और श्रद्धा का प्रतीक ये पर्व :–

महासमुंद में आज गणपति स्थापना के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ हो गया। घर-घर विराजे गणपति और बड़े पंडालों में बैठे गणेश जी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं के साथ बच्चों में भी खास उत्साह है आस्था और श्रद्धा का प्रतीक कहा जाने वाला यह गणेशोत्सव का पर्व इस बार पूरे महासमुंद में नई उमंग और पूरे हर्षोलाश के साथ मनाया जा रहा है।

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