महासमुंद में सड़क सुरक्षा पर सवाल: दिशा सूचक ट्रैफिक साइन पर लगे विज्ञापन, वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी
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| महासमुंद के मुख्य मार्ग पर दिशा सूचक ट्रैफिक साइन की दृश्यता को प्रभावित करता विज्ञापन होर्डिंग। |
महासमुंद शहर के मुख्य मार्ग और नेशनल हाईवे-353 पर सड़क सुरक्षा को लेकर एक ऐसा सवाल सामने आया है, जिसे नजरअंदाज करना वाहन चालकों के लिए भारी पड़ सकता है। शहर में कई स्थानों पर लगाए गए विज्ञापन होर्डिंग और बैनर के बीच दिशा सूचक एवं ट्रैफिक साइन बोर्ड दिखाई नहीं देने की स्थिति सामने आ रही है। इससे बाहरी शहरों से आने वाले वाहन चालकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी मार्ग पहचानने में परेशानी हो सकती है और दुर्घटना का खतरा भी हो सकता है ।
सड़क सुरक्षा से जुड़ा है ये मुख्य विषय :–
महासमुंद शहर से सामने आई तस्वीर में एक बड़े विज्ञापन बोर्ड ने सड़क किनारे लगे दिशा सूचक संकेत के बड़े हिस्से को ढक रखा है। हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह किसी महत्वपूर्ण ट्रैफिक साइन का दृश्य बाधित होना केवल विज्ञापन से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है यह एक बार का मामला नहीं बल्कि हर बार शहर में ऐसे होते ही रहता है जिससे खतरा बना रहता है ।
दिशा सूचक बोर्ड चालक के लिए क्यों जरूरी हैं? :–
किसी भी व्यस्त सड़क पर दिशा सूचक बोर्ड वाहन चालक को समय रहते सही लेन, मोड़, शहर या दूसरे मार्ग की जानकारी देने का काम करते हैं। खासकर ऐसे चालक जो पहली बार किसी शहर से गुजर रहे हों, उनके लिए ये संकेत बेहद महत्वपूर्ण होते हैं जिससे सही मार्ग या सही लेन में जाने या नही जाने का अंधा होता है ।
अगर किसी विज्ञापन, बैनर या अन्य संरचना के कारण साइन बोर्ड स्पष्ट दिखाई नहीं देता, तो चालक को अचानक ब्रेक लगाने, लेन बदलने या अंतिम समय में मोड़ लेने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इससे सड़क पर चल रहे दूसरे वाहनों की गति और दूरी का अनुमान भी प्रभावित हो सकता है जिससे दुर्घटना होने के खतरा भी हो सकता है ।
महासमुंद के मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था पर सवाल ? :–
महासमुंद शहर का मुख्य मार्ग दिनभर वाहनों की आवाजाही से व्यस्त रहता है। इसी मार्ग पर सड़क किनारे दुकानों का फैलाव, पार्किंग और प्रचार सामग्री जैसी गतिविधियां यातायात के लिए अतिरिक्त चुनौती पैदा कर सकती हैं जिसका समाधान करना बहुत ही आवश्यक है ।
जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर महासमुंद यातायात पुलिस का अलग संपर्क उपलब्ध है, जिससे यह स्पष्ट है कि यातायात व्यवस्था के लिए संबंधित विभागीय व्यवस्था मौजूद है। सवाल यह है कि सड़क पर लगे महत्वपूर्ण संकेतों की दृश्यता और उनके आसपास लगाए जा रहे विज्ञापन सामग्री की नियमित जांच कितनी प्रभावी तरीके से हो रही है जिससे हाइवे से गुजरने वाले परेशान न हो।
हादसे के बाद कार्रवाई से बेहतर है पहले रोकथाम :–
महासमुंद सड़क सुरक्षा में सबसे जरूरी बात दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि दुर्घटना की संभावित वजहों को पहले ही हटाना है। हाल ही में NH-353 पर बेलसोंडा के पास बिना सुरक्षा संकेतक खड़े वाहन से टकराने के मामले में 21 वर्षीय युवक की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी। यह घटना बताती है कि हाईवे पर संकेतों और दृश्यता से जुड़ी छोटी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है जिसका निवारण करना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
नगर पालिका ,यातायात पुलिस और संबंधित सड़क प्राधिकरण की भूमिका अहम :–
ऐसे मामलो में जरूरत है कि नगर निकाय, यातायात पुलिस और संबंधित सड़क प्राधिकरण मिलकर मुख्य मार्ग पर लगे विज्ञापन होर्डिंग और बैनरों का निरीक्षण करें। खासतौर पर यह देखा जाना चाहिए कि कोई प्रचार सामग्री दिशा सूचक, चेतावनी या अन्य आवश्यक ट्रैफिक साइन की दृश्यता को बाधित तो नहीं कर रही जिससे लोग परेशान हो रहे हो ।
चौक पर दोनों तरफ लगे बोर्ड भी बन रहे परेशानी का कारण :–
महासमुंद शहर में परेशानी सिर्फ दिशा सूचक बोर्ड के ढक जाने तक सीमित नहीं है। कई चौक-चौराहों पर दोनों तरफ लगाए गए विज्ञापन, जन्मदिन या शुभकामना संदेश वाले बोर्ड इतने बड़े होते हैं कि दूसरी दिशा से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। ऐसे में वाहन चालक जब चौक को पार करने या मुख्य सड़क पर प्रवेश करने की कोशिश करता है, तब सामने से आ रहे वाहन का पता देर से चलता है। यह स्थिति दुर्घटना की आशंका को बढ़ा सकती है जिससे अगर विज्ञापन बोर्ड लगाया भी जाए तो देखा जाए यह सड़क की ऊंची कितनी ऊपर लगाई जा रही है।
क्या यह हो सकता है संभव ? :–
शहर में जन्मदिन, राजनीतिक, सामाजिक या अन्य कार्यक्रमों के प्रचार के लिए लगाए जाने वाले बोर्ड कई बार कार्यक्रम की तारीख से काफी पहले लगा दिए जाते हैं और कई दिनों तक सड़क किनारे या चौक पर लगे रहते हैं। सवाल यह है कि अगर किसी कार्यक्रम के लिए बोर्ड की जरूरत सिर्फ एक दिन है, तो उसे कई दिन पहले लगाने की क्या जरूरत है? क्या उसे उसी सुबह लगाकर देर रात तक वापिस निकाला जा सकता है जिससे यातायात व्यवस्था में आसानी हो सके ।
क्या अपनाया जा सकता है एक आसान तरीका? :–
महासमुंद में इस समस्या से बचने के लिए एक व्यावहारिक व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है। जिस दिन किसी व्यक्ति का जन्मदिन, कार्यक्रम या कोई विशेष आयोजन है, उसी दिन सुबह विज्ञापन या शुभकामना बोर्ड लगाने की अनुमति दी जाए और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रात में उसे अनिवार्य रूप से हटा दिया जाए क्या इस तरीके से कुछ लाभ हो सकता है !
इससे एक साथ कई समस्याओं को कम किया जा सकता है। सड़क किनारे अनावश्यक रूप से कई दिनों तक बोर्ड नहीं लगे रहेंगे, दिशा सूचक और ट्रैफिक साइन की दृश्यता बनी रहेगी और चौक पर दूसरी दिशा से आने वाले वाहनों को देखने में भी आसानी होगी जिससे वाहन चलाते समय भी कोई परेशानी नहीं होगी ।
बोर्ड लगाने और निकलने की जिम्मेदारी आयोजक की ही होनी चाहिए :–
इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जा सकता है कि कोई भी अस्थायी बोर्ड चौराहे, मोड़, डिवाइडर या ऐसे स्थान पर न लगाया जाए जहां से वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होती हो। यदि किसी कार्यक्रम के लिए बोर्ड लगाने की अनुमति दी जाती है तो उसकी अवधि और स्थान पहले से निर्धारित होना चाहिए तथा समय पूरा होने के बाद बोर्ड हटाने की जिम्मेदारी भी उसी आयोजक की होनी चाहिए जिससे बहुत हद तक परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा ।
विज्ञापन बोर्ड लगाने पर पाबंदी नहीं व्यवहारिक समाधान :–
विज्ञापन लगाने पर पूरी तरह रोक लगाना शायद व्यावहारिक समाधान नहीं है, लेकिन विज्ञापन की अवधि, स्थान और आकार को नियंत्रित करना सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम हो सकता है। आखिर किसी शुभकामना या प्रचार संदेश से ज्यादा महत्वपूर्ण सड़क पर सुरक्षित तरीके से गुजर रहे लोगों की जिंदगी है जो की सबसे अहम है ।
महासमुंद में जरूरत विज्ञापन बंद करने की नहीं, बल्कि उसके लिए ऐसी स्पष्ट व्यवस्था बनाने की है जिसमें प्रचार भी हो और यातायात व्यवस्था भी सुरक्षित रहे। अगर बोर्ड कार्यक्रम वाले दिन लगें, उसी रात हटें और चौक-मोड़ व दिशा सूचक बोर्ड की दृश्यता प्रभावित न करें, तो शहर की सड़कें भी व्यवस्थित रहेंगी और लोगों को अनावश्यक जोखिम से भी बचाया जा सकेगा।
प्रचार भी हो और यातायात व्यवस्था भी बना रहे :–
विज्ञापन और प्रचार किसी भी शहर की सामान्य गतिविधि का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा से जुड़े संकेतों की कीमत पर नहीं। महासमुंद के मुख्य मार्ग पर दिशा सूचक बोर्डों की स्पष्ट दृश्यता बनाए रखना वाहन चालकों की सुविधा के साथ-साथ संभावित दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में भी जरूरी कदम है। संबंधित विभागों से उम्मीद है कि मामले को केवल एक तस्वीर या शिकायत के रूप में न देखकर पूरे मुख्य मार्ग का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और जहां भी ट्रैफिक साइन ढके हुए हैं, उन्हें तत्काल स्पष्ट कराया जाए जिसे मुख्य मार्गो से गुजरने वाले लोगो के परेशानी ना हो सके ।
महासमुंद में जरूरत विज्ञापन बंद करने की नहीं, बल्कि उसके लिए ऐसी स्पष्ट व्यवस्था बनाने की है जिसमें प्रचार भी हो और यातायात व्यवस्था भी सुरक्षित रहे। अगर बोर्ड कार्यक्रम वाले दिन लगें, उसी रात हटें और चौक-मोड़ व दिशा सूचक बोर्ड की दृश्यता प्रभावित न करें, तो शहर की सड़कें भी व्यवस्थित रहेंगी और लोगों को अनावश्यक जोखिम से भी बचाया जा सकेगा जिससे यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त हों सकेगा ।

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