महासमुंद में घुसा दतैल हाथी, 14 गांवों में अलर्ट; खेतों में फसल नुकसान, जान-माल सुरक्षित

महासमुंद में घुसा दतैल हाथी, कई गांवों में हाई अलर्ट; खेतों में फसल नुकसान

महासमुंद के जंगल में दतैल हाथी की मौजूदगी
प्रतिकात्मक फोटो : महासमुंद वनमंडल में दतैल हाथी की मौजूदगी के बाद आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ाई गई।

छत्तीसगढ़ ,गरियाबंद,महासमुंद।

Mahasamund Elephant News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद वनमंडल क्षेत्र में एक दतैल हाथी के पहुंचने के बाद आसपास के ग्रामीण इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को एक हाथी गरियाबंद वनमंडल के फिंगेश्वर क्षेत्र की ओर से होते हुए महासमुंद वनमंडल में दाखिल हुआ है। हाथी फिलहाल महासमुंद वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 66 के जंगल में विचरण कर रहा है जिसके चलते वन विभाग ने सभी ग्रामीणों को सतर्कता बरतने को कहा है।

वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक हाथी ने धनसुली और जीवतरा क्षेत्र के खेतों से होकर कक्ष क्रमांक 78 और 79 की दिशा में आवाजाही की। इसके बाद हाथी ने महासमुंद-बागबाहरा सड़क को पार किया और झालख्मरिया के खेतों से होते हुए कक्ष क्रमांक 65 की ओर बढ़ा। यहां से हाथी ने रेलवे लाइन पार की और वर्तमान में कक्ष क्रमांक 66 के जंगल में मौजूद है जिसे देखते हुवे वन विभाग द्वारा सावधानी बरतने और जंगल न जाने की हिदायत दी गई है ।

कक्ष क्रमांक 67 और 68 की ओर बढ़ने की संभावना :–

वन विभाग के अनुसार हाथी की आगे की गतिविधि कक्ष क्रमांक 67 और 68 की दिशा में बताई गई है। इसके चलते आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि हाथी के आने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगो की जनहानि न हो सके ।

इन गांवों में हाई अलर्ट :–

हाथी की मौजूदगी को देखते हुए गौरखेड़ा, उमरदा, अरण्ड, मुडमार, पतेरापाली, सिरगिडी, सोरिद और चोरभाटी गांवों के ग्रामीणों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। वहीं बनसीवनी, लोहारडीह, परसापानी, घोघीबहार, बंजारी और कोडार के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की अपील की गई है की जंगल में न जाए हाथी के रहते तक सावधानी बरतना आवश्यक है ।

वन विभाग ने लोगों से विशेष रूप से रात के समय खेतों और जंगल की ओर जाने से बचने को कहा है। हाथी की गतिविधि वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से भी बचने की सलाह दी गई है साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह अपील की है की गांवो के कोटवार द्वारा मुनादी करके ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो को सूचित किया जाए।

फसल को नुकसान, जनहानि नहीं :–

वन विभाग की जानकारी के अनुसार हाथी के क्षेत्र में आने से फसल नुकसान हुआ है, जबकि अभी तक किसी मकान को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। जिसके चलते हाथी के इन गतिविधियों से ग्रामीणों को अवगत कराया जा सकता है।

ग्रामीणों को हाथी दिखाई देने पर उसके करीब जाने, उसे घेरने या फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी गई है। वन विभाग के कर्मचारियों को तत्काल सूचना देने को कहा गया है जिससे हाथी की मौजूदा लोकेशन पता करके ग्रामीणों को सूचित किया जा सके।

कोटवारों के माध्यम से कराया गया मुनादी :–

वन विभाग ने आसपास के गांवों में ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए कोटवारों के माध्यम से मुनादी भी कराई है। लोगों से कहा गया है कि वे जंगल की ओर न जाएं और हाथी की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें और हाथी के पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्रों से निकल जाने की खबर के बाद ही खेतो की ओर ध्यान दी जाए ।

हाथी दिखाई देने पर वन विभाग के कर्मचारियों को सूचना देने के लिए दीपक शर्मा, कौशल अडिल और आकाश बेहार सहित हाथी मित्र दल के अनुज कुमार तथा अन्य संबंधित कर्मचारियों से संपर्क करने की व्यवस्था की गई है जिससे हाथी के लक्षण का पता बताकर सभी ग्रामीणों को भी सतर्कता बरतने में मदद मिल सकता है।

ग्रामीणों से वन विभाग की अपील :–

वन विभाग का स्पष्ट संदेश है कि हाथी के आसपास भीड़ न लगाएं और उसे किसी तरह परेशान न करें। हाथी की दिशा में जाने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहें और इसकी सूचना नजदीकी वन अमले को दें। जंगल अथवा खेतों में जाने से पहले हाथी की लोकेशन के बारे में जानकारी रखना भी जरूरी है फूटू तोड़ने या जंगल संबंधी सभी कार्य स्थगित करे और सुरक्षित रहे ।

फिलहाल कक्ष क्रमांक 66 में उपसिथि 67–68 की ओर जाने की संभावना 

महासमुंद वनमंडल में एक दतैल हाथी की मौजूदगी के बाद कई गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल हाथी कक्ष क्रमांक 66 के जंगल में विचरण कर रहा है और उसके आगे 67-68 कक्ष की ओर बढ़ने की संभावना बताई गई है। फसल नुकसान की सूचना है, लेकिन अभी तक किसी जनहानि या मकान क्षति की जानकारी नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों की सावधानी और वन विभाग के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है जिससे हाथी के सामना होने से बच कर सुरक्षित रखा जा सकता है।

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