महासमुंद में CCTV कैमरा दिखा, लेकिन कांग्रेस भवन चौक पर सिग्नल का इंतजार

 महासमुंद में ट्रक हादसे के 5 दिन बाद भी नहीं लगा ट्रैफिक सिग्नल, CCTV कैमरा जरूर दिख रहा 

महासमुंद कांग्रेस भवन चौक पर ट्रैफिक सिग्नल की जगह CCTV कैमरा और सड़क पर वाहनों की आवाजाही
महासमुंद के कांग्रेस भवन चौक की ताजा तस्वीर, ट्रक हादसे के पांच दिन बाद भी ट्रैफिक सिग्नल की बहाली का इंतजार।
महासमुंद, छत्तीसगढ़।

महासमुंद शहर के कांग्रेस भवन चौक पर कुछ दिन पहले ट्रक की टक्कर से ट्रैफिक सिग्नल क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई थी। हादसे के बाद मौके के वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए थे। उस समय सबसे बड़ा सवाल यही था कि व्यस्त चौक पर क्षतिग्रस्त ट्रैफिक सिग्नल को दोबारा कब शुरू किया जाएगा जिससे यातायात व्यवस्था सुधर पाएगी ।

सिगनल का बहाल जिला मुख्यालय होने के बावजूद इतना देर क्यों? :–

अब हादसे के पांच दिन बाद सामने आई मौके की तस्वीर एक अलग सवाल खड़ा कर रही है। तस्वीर में चौक पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी दिखाई दे रही है, लेकिन जिस ट्रैफिक सिग्नल के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई थी, उसकी जगह अब तक व्यवस्था बहाल होती नजर नहीं आ रही है हालाकि हादसे के बाद ट्रैफिक सिगनल के जगह में खड़ा होकर यातायात पुलिस व्यवस्था सुधारने का काम करती है लेकिन सवाल यह है की आखिर जिला मुख्यालय होने के बावजूद इतना लेट क्यों।

हादसे के बाद CCTV कैमरा दोबारा नजर आया, लेकिन सिग्नल का इंतजार :–

मौके की ताजा तस्वीर में सड़क पर CCTV कैमरा/निगरानी व्यवस्था दिखाई दे रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अगर यातायात नियमों की निगरानी और चालानी कार्रवाई के लिए कैमरा व्यवस्था मौजूद है, तो उसी चौक की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए जरूरी सिग्नल को दोबारा लगाने में देरी क्यों हो रही है जिससे लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि तस्वीर मात्र से CCTV कैमरे के चालान काटने के लिए इस्तेमाल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती। हालांकि, सड़क पर कैमरा व्यवस्था दिखाई देना और ट्रैफिक सिग्नल का अब तक बहाल नहीं होना लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बन सकता है लेकिन लोगो के मन में सवाल भी उठ रहे है की क्या शहर में सिगनल से ज्यादा जरूरी CCTV कैमरा है ।

व्यस्त चौक पर सिग्नल बंद होने से बढ़ती है सावधानी की जरूरत :–

कांग्रेस भवन चौक जैसे व्यस्त स्थान पर अलग-अलग दिशाओं से वाहन आते-जाते हैं। ऐसे में ट्रैफिक सिग्नल केवल लाल, पीली और हरी बत्ती तक सीमित व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह चौराहे पर वाहनों की आवाजाही को क्रमबद्ध करने में भी मदद करता है जिसे लोग देखकर आसानी से नियम का पालन करते हुवे चौक से गुजरते है ।

सिग्नल के काम नहीं करने की स्थिति में वाहन चालकों को अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। खासकर पीक ऑवर में दोपहिया, कार, ऑटो और भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर बिना सिग्नल वाला चौक चुनौतीपूर्ण हो सकता है हालांकि वहा ट्रैफिक पुलिस मौजूद होते है।

सड़क सुरक्षा पर बैठक के बाद भी सवाल :–

दिलचस्प बात यह है कि 23 सितंबर को महासमुंद में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक भी हुई थी। बैठक में दुर्घटनाओं की रोकथाम, कैमरा, रोड मार्किंग, संकेतक और अन्य सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया था। अधिकारियों को दुर्घटनाजन्य स्थानों पर आवश्यक संकेतक और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए थे उसके बावजूद इस काम में देरी हो रही है।

ऐसे में स्थानीय लोगों की अपेक्षा स्वाभाविक है कि दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त यातायात व्यवस्था को भी जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि वाहन चलाते समय उस चौक से गुजरते समय परेशानी झेलनी ना पड़े ।

सवाल सिर्फ सिग्नल लगाने का नहीं, व्यवस्था बहाल करने का है :–

महासमुंद में हुवे इस हादसे के बाद किसी सार्वजनिक संपत्ति के क्षतिग्रस्त होने पर उसकी मरम्मत या पुनर्स्थापना में तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया लग सकती है। इसलिए सिग्नल लगाने में देरी का वास्तविक कारण संबंधित विभाग ही स्पष्ट कर सकता है की आखिर इतना देर किस कारण से हो रहा है।

लेकिन पांच दिन बाद सामने आई तस्वीर के आधार पर इतना जरूर कहा जा सकता है कि कांग्रेस भवन चौक पर ट्रैफिक सिग्नल की बहाली अब स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है जिसका निवारण वो जल्द से जल्द चाहते है।

स्थानीय लोगो की मांग स्पष्टीकरण का जवाब ! :–

महासमुंद में शहर के कांग्रेस भवन चौक पर एक तरफ सड़क पर CCTV और डिजिटल निगरानी व्यवस्था दिखाई देती है, वहीं दूसरी तरफ हादसे में क्षतिग्रस्त ट्रैफिक सिग्नल अब भी बहाल होता नजर नहीं आ रहा। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग स्थिति स्पष्ट करे और यदि सिग्नल की मरम्मत या नया सिग्नल लगाने की आवश्यकता है, तो यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द व्यवस्था बहाल की जाए। आखिर कैमरे से नियमों की निगरानी जरूरी है, लेकिन चौराहे पर सुरक्षित यातायात संचालन के लिए सिग्नल भी उतना ही महत्वपूर्ण है ऐसे में स्थानीय लोगो द्वारा यह भी कहते बन रहा है आखिर कब तक यह स्पष्ट होगा जिससे सिगनल व्यवस्था की पूरी तरह से बहाली हो और सब फिर से व्यवस्थित तरीके से us चौक से गुजर सके।

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